काेलकाता: सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक यूको बैंक ने वित्त वर्ष २०२५-२६ की चौथी तिमाही के परिणाम घोषित करते हुए मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का शुद्ध लाभ वर्ष-दर-वर्ष २३ प्रतिशत बढ़कर ८०१ करोड़ रुपये हो गया है। इस वृद्धि का मुख्य कारण प्रावधानों में कमी और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार रहा है।हालांकि, बैंक की कुल आय घटकर ७,३६५ करोड़ रुपये रह गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि लाभ बढ़ने के बावजूद आय पर दबाव बना हुआ है।बैंक के निदेशक मंडल ने ०.४४ रुपये प्रति शेयर के लाभांश का प्रस्ताव भी रखा है, जो बैंक के प्रदर्शन पर उसके भरोसे को दर्शाता है।शेयर बाजार में २७ अप्रैल को बैंक का शेयर मूल्य २६.५० रुपये पर कारोबार करता देखा गया, जो पिछले बंद भाव २६.४७ रुपये के मुकाबले लगभग ०.२० प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। बैंक का बाजार पूंजीकरण लगभग ३० से ३१ हजार करोड़ रुपये के बीच आंका गया है, जिससे यह मध्यम आकार के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल होता है।परिचालन के लिहाज से बैंक ने ठोस वृद्धि दर्ज की है। कुल कारोबार में १४.९५ प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह ५.९ लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसमें अग्रिमों में १९.४ प्रतिशत और जमाओं में ११.६ प्रतिशत की वृद्धि का योगदान रहा।इससे पहले तीसरी तिमाही में भी बैंक ने अच्छा प्रदर्शन किया था, जहां शुद्ध लाभ ७३९.५ करोड़ रुपये रहा, जो वर्ष-दर-वर्ष १५ प्रतिशत अधिक था। उस अवधि में कुल आय ७,५२१ करोड़ रुपये रही थी और संचालन दक्षता स्थिर बनी रही थी।चौथी तिमाही में लाभ में और सुधार हुआ, लेकिन आय में गिरावट देखने को मिली। इससे स्पष्ट है कि बैंक ने लाभ वृद्धि मुख्यतः प्रावधानों में कमी के माध्यम से हासिल की, न कि आय में बढ़ोतरी के जरिए। शुद्ध ब्याज आय में भी लगभग ३ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।ताजा नतीजों से यह स्पष्ट होता है कि बैंक की लाभप्रदता में सुधार हुआ है, जो बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता और प्रावधान नीति के कारण संभव हुआ। हालांकि, आय पर दबाव यह संकेत देता है कि भविष्य में लाभ और आय के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक होगा।











