शिमला: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगामी शिमला दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं। उनका यह दौरा २७ अप्रैल से २ मई तक निर्धारित है। इस दौरान वे शिमला के समीप मशोबरा स्थित ऐतिहासिक ग्रीष्मकालीन विश्राम स्थल ‘द रिट्रीट’ में ठहरेंगी।अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा केवल औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि उच्च स्तरीय सुरक्षा, समन्वय और आवश्यक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के साथ मिलकर व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।शिमला जिला मजिस्ट्रेट अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, नगर निगम और आपातकालीन सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बुनियादी ढाँचे की तैयारी है। हवाई अड्डे से लेकर ‘द रिट्रीट’ तक मार्ग की मरम्मत और सुचारु यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्र और मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।हेलीपैड व्यवस्था के तहत अन्नाडेल और कालीबाड़ी हेलीपैड को पूरी तरह तैयार किया जा रहा है ताकि आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न आए। यह व्यवस्था राष्ट्रपति काफिले की सुरक्षित और तेज आवाजाही सुनिश्चित करेगी।नगर निगम को परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कचरा प्रबंधन, सड़क सफाई और सार्वजनिक स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि वातावरण स्वच्छ और व्यवस्थित रहे।जल आपूर्ति व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। शिमला जल प्रबंधन विभाग को ‘द रिट्रीट’ में निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बैकअप व्यवस्था भी तैयार रखी जा रही है।सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया है। आगंतुक सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, आपात निकास मार्ग और निगरानी प्रणाली की गहन जांच की जा रही है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच समन्वय मजबूत किया गया है।स्वास्थ्य सेवाओं के तहत २४ घंटे चिकित्सा दल और एम्बुलेंस तैनात किए जा रहे हैं। भोजन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच व्यवस्था भी लागू की जा रही है।यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष योजना तैयार की गई है, जिसमें मार्ग परिवर्तन और नियंत्रित आवागमन शामिल हो सकता है। संचार प्रणाली को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि सभी एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय बना रहे।‘द रिट्रीट’ भवन, जो ब्रिटिश काल में निर्मित ऐतिहासिक स्थल है, भारत के राष्ट्रपति का ग्रीष्मकालीन आवास रहा है और इसका विशेष प्रशासनिक महत्व है। इसके रखरखाव और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।प्रशासन का कहना है कि यह दौरा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और दक्षता को और मजबूत करेगा तथा क्षेत्र में स्थायी प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देगा।जैसे-जैसे यात्रा की तिथि नजदीक आ रही है, सभी विभाग अंतिम चरण की तैयारियों में जुटे हुए हैं ताकि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।










