कोलकाता: हिमालय क्षेत्र के अतीत को नए रूप में प्रस्तुत करने वाली एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने किया। “हिमालयी साक्षात्कार: डेढ़ सौ वर्ष पूर्व के अनदेखे दृश्य” शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी में जर्मनी के श्लागिन्टवाइट बंधुओं के अमूल्य छायाचित्र और रेखाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं।
उन्नीसवीं शताब्दी में उनके द्वारा किए गए सर्वेक्षणों में हिमालय के प्रारंभिक दृश्यांकन का जो दस्तावेजीकरण हुआ था, उसमें दार्जिलिंग की पहाड़ियों के कई दुर्लभ और पहले कभी न देखे गए चित्र भी शामिल हैं। यह ऐतिहासिक प्रस्तुति हिमालय क्षेत्र की प्रकृति और जनजीवन का एक महत्वपूर्ण प्रमाण मानी जा रही है।
प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद सांसद ने कहा कि यह अनूठा संग्रह हिमालय के बारे में नई दृष्टि प्रदान करता है और अत्यंत रोचक तथा महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि आयोजकों के साथ समन्वय कर इस प्रदर्शनी को दार्जिलिंग में लाने की पहल की जा रही है।
उन्होंने उल्लेख किया कि यह प्रस्ताव उनके भाई सुबर्ण श्रृंगला की ओर से रखा गया था और उन्होंने आशा व्यक्त की कि दार्जिलिंग के लोग भी शीघ्र ही इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी को देखने का अवसर प्राप्त करेंगे।










