नई दिल्ली: वरिष्ठ पत्रकार से राजनेता बने हरिवंश नारायण सिंह को शुक्रवार को राज्यसभा का उपसभापति निर्विरोध चुन लिया गया। यह इस पद पर उनका लगातार तीसरा कार्यकाल है।
उनका पिछला कार्यकाल ९ अप्रैल को समाप्त हो गया था, जिसके बाद यह पद रिक्त हो गया था। इसके पश्चात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पुनः राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। १० अप्रैल को उन्होंने शपथ ग्रहण की और अब दोबारा उपसभापति का दायित्व संभाल लिया है।
सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन सांसद एस फांग्नोन कोन्यक ने किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हरिवंश को इस पद पर पुनः निर्वाचित होने पर बधाई दी।
हरिवंश का पुनः निर्विरोध चुना जाना उनके अनुभव, कार्यशैली और सभी दलों के बीच स्वीकार्यता को दर्शाता है। यह राज्यसभा के संचालन में स्थिरता और निरंतरता का संकेत भी माना जा रहा है।








