नई दिल्ली: चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों को कथित तौर पर मनगढ़ंत नाम दिए जाने पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि भारत अपनी भूमि के किसी भी हिस्से को नए नाम देने के चीन के प्रयासों को पूरी तरह खारिज करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के झूठे दावे और निराधार कथाएं जमीनी सच्चाई को नहीं बदल सकतीं।
भारत ने दोहराया कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है, जो पहले भी भारत का था, आज भी है और हमेशा रहेगा।
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि चीन की इस तरह की गतिविधियां दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य और स्थिर बनाने के प्रयासों में बाधा डालती हैं। भारत ने चीन से ऐसे कदमों से बचने की अपील की है, जो द्विपक्षीय संबंधों में नकारात्मकता पैदा करते हैं।
गौरतलब है कि चीन ने इससे पहले वर्ष २०२१ में भी अरुणाचल प्रदेश के २१ स्थानों के नाम बदलने की कोशिश की थी, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था।











