नई दिल्ली: विश्व इतिहास में १२ अप्रैल को एक महत्वपूर्ण तारीख के रूप में देखा जाता है। इस दिन विज्ञान, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष और वैश्विक घटनाओं से जुड़ी कई बड़ी उपलब्धियां दर्ज हुईं, जिन्होंने मानव सभ्यता को नई दिशा दी।
साल १९५५ में जोनास साल्क ने पोलियो के खिलाफ प्रभावी वैक्सीन विकसित की। उस समय पोलियो एक जानलेवा बीमारी थी, जो दुनिया भर में तेजी से फैल रही थी। साल्क की इस खोज ने चिकित्सा विज्ञान में क्रांतिकारी बदलाव लाया और लाखों लोगों की जान बचाने में मदद की।
वहीं, साल १९६१ में यूरी गागरिन अंतरिक्ष में जाने वाले पहले इंसान बने। उन्होंने सोवियत संघ के ‘वोस्तोक–१’ यान से उड़ान भरकर पृथ्वी की कक्षा का चक्कर लगाया और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नया इतिहास रचा।
भारत के संदर्भ में भी यह दिन खास रहा। साल १९७८ में भारतीय रेल ने मुंबई के विक्टोरिया टर्मिनस (अब छत्रपति शिवाजी टर्मिनस) से पुणे के बीच पहली डबल डेकर ट्रेन चलाकर परिवहन क्षेत्र में नई पहल की।
इसके अलावा, साल १८०१ में विलियम कैरी को फोर्ट विलियम कॉलेज में बंगाली भाषा का प्रोफेसर नियुक्त किया गया। साल १८६१ में अमेरिकी गृहयुद्ध की शुरुआत हुई, जिसने अमेरिका के इतिहास को गहराई से प्रभावित किया।
साल १८८५ में इतिहासकार राखलदास बनर्जी का जन्म हुआ, जिन्होंने मोहनजोदड़ो की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, १९४५ में फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट का निधन हुआ, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति थे।
साल १९८१ में अमेरिका ने ‘कोलंबिया’ स्पेस शटल का पहला प्रक्षेपण किया। हाल के समय में, २०२० में कोविड-१९ के मामले भारत में तेजी से बढ़ते हुए ९ हजार के करीब पहुंच गए थे।
इसके अलावा, २०२४ में रूस ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जिसने वैश्विक सुरक्षा पर नई बहस को जन्म दिया।
इस प्रकार १२ अप्रैल को विज्ञान, तकनीक, स्वास्थ्य और वैश्विक घटनाओं के लिहाज से इतिहास में एक अहम दिन के रूप में याद किया जाता है।








