नई दिल्ली: ईरान में ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाते हुए दो हवाई हमलों का दावा किया गया है। यह जानकारी फ़ार्स समाचार एजेंसी ने मंगलवार तड़के दी। रिपोर्ट के अनुसार, हमलों में देश के अहम गैस और बिजली ढांचे को निशाना बनाया गया।
समाचार एजेंसी के मुताबिक, पहला हमला इस्फ़हान में हुआ, जहां प्राकृतिक गैस से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। दूसरा हमला खुर्रमशहर स्थित एक बिजली संयंत्र के लिए बनी गैस पाइपलाइन पर किया गया। इन हमलों से हुए नुकसान का पूरा आकलन अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसे ऊर्जा नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले नहीं करने के लिए दी गई समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, और अब इन हमलों की खबर ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
सोमवार को हुए इन हमलों की जिम्मेदारी अब तक किसी ने नहीं ली है। न तो इज़राइल और न ही संयुक्त राज्य अमेरिका ने इसमें अपनी भूमिका की पुष्टि की है। हालांकि, यह भी देखा गया है कि दोनों देश कई बार अपने सैन्य अभियानों की आधिकारिक पुष्टि नहीं करते।
इस बीच यह स्पष्ट नहीं है कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों को सीधे निशाना बनाया गया था या अन्य लक्ष्यों पर हमलों के दौरान उन्हें नुकसान पहुंचा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया गया है, तो इसका असर न केवल ईरान की अर्थव्यवस्था पर बल्कि पूरे क्षेत्र की ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
फिलहाल स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।








