नई दिल्ली: २४ मार्च की तिथि विश्व इतिहास में अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं के कारण स्मरणीय मानी जाती है। वर्ष २०२० में इसी दिन भारत में कोरोना महामारी फैलने के बाद देशव्यापी बंद की घोषणा की गई थी। उस समय ५०० से अधिक संक्रमण के मामले सामने आने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने २१ दिनों के लिए पूरे देश में बंद लागू करने की घोषणा की थी।
इस दिन से एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि भी जुड़ी हुई है। वर्ष १८८२ में जर्मनी के वैज्ञानिक डॉ. रॉबर्ट कोख ने क्षयरोग फैलाने वाले जीवाणु की खोज की थी। इसी कारण प्रत्येक वर्ष २४ मार्च को विश्व क्षयरोग दिवस मनाया जाता है।
इतिहास के पन्नों में यह दिन अन्य कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए भी उल्लेखनीय है। वर्ष १९४६ में ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित मंत्रिमंडलीय प्रतिनिधिमंडल भारत आया था। वर्ष १९७७ में मोरारजी देसाई भारत के चौथे प्रधानमंत्री बने थे, जिन्होंने देश में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार का नेतृत्व किया था।
२४ मार्च को घटित कुछ प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ~
१३०७: अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति मलिक काफूर ने देवगिरि (दौलताबाद) किले पर कब्जा किया।
१६०३: इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम का निधन हुआ।
१८५५: कलकत्ता से आगरा के बीच पहला लंबी दूरी का तार संदेश भेजा गया।
१८८२: डॉ. रॉबर्ट कोख ने क्षयरोग के जीवाणु की खोज की।
१९४६: लार्ड पैथिक लॉरेंस के नेतृत्व में ब्रिटिश मंत्रिमंडलीय प्रतिनिधिमंडल भारत पहुँचा।
१९७२: ब्रिटेन ने घोषणा की कि उत्तरी आयरलैंड का शासन सीधे वेस्टमिन्स्टर से चलाया जाएगा।
१९७७: मोरारजी देसाई भारत के चौथे प्रधानमंत्री बने।
१९८९: डेल्टा स्टार नामक उपग्रह का सफल परीक्षण किया गया।
२००८: भूटान में राष्ट्रीय सभा के लिए पहला आम चुनाव सम्पन्न हुआ।
२०२०: कोरोना संक्रमण के ५०० से अधिक मामले सामने आने के बाद भारत में २१ दिनों के देशव्यापी बंद की घोषणा की गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई सेवाएँ बंद कर दी गईं।
२०२४: नाइजीरिया में अपहृत ३०० से अधिक विद्यालयी बच्चों में से १३७ को मुक्त कराया गया।
इस प्रकार २४ मार्च का दिन विज्ञान, राजनीति तथा विश्व घटनाक्रम की दृष्टि से इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन के रूप में दर्ज है।









