धार्मिक आस्था और स्वास्थ्य लाभ—इन दो मुख्य कारणों से लोग उपवास रखते हैं। सही तरीके से किया गया उपवास शरीर को कई फायदे दे सकता है, लेकिन लापरवाही या बीमारी की अवस्था में किया गया उपवास नुकसानदायक भी हो सकता है।
उपवास के फायदे:
ऋतु परिवर्तन के समय उपवास रखने से शरीर को मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद मिलती है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और भूख सहने की क्षमता भी बढ़ाता है। नियंत्रित आहार से पाचन तंत्र को आराम मिलता है।
किन लोगों को नहीं रखना चाहिए उपवास~
कुछ बीमारियों में उपवास खतरनाक साबित हो सकता है, जैसे:
अल्सर
पीलिया
अनीमिया
उल्टी-दस्त
उच्च रक्तचाप (बी.पी.)
मधुमेह (शुगर)
हृदय रोग
इन स्थितियों में खाली पेट रहने से समस्या बढ़ सकती है। विशेष रूप से अल्सर में एसिडिटी बढ़ने और खून निकलने का खतरा रहता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए चेतावनी:
गर्भवती महिलाओं को उपवास नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इस समय शरीर को अतिरिक्त पोषण- जैसे विटामिन, प्रोटीन और कैल्शियम—की आवश्यकता होती है। उपवास करने से शिशु के विकास पर असर पड़ सकता है।
निर्जला उपवास से बचें
बिना पानी का उपवास (निर्जला) पेट और लिवर पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। शरीर में पानी की कमी से कई समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए उपवास के दौरान तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए सावधानी:
१४ वर्ष से कम उम्र के बच्चों और ६० वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को उपवास से बचना चाहिए। इस उम्र में शरीर को पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो सकती है।
उपवास के बाद क्या करें
उपवास तोड़ते समय सावधानी जरूरी है:
सबसे पहले नमक-शक्कर मिला नींबू पानी लें
भारी और मसालेदार भोजन से बचें
हल्का भोजन जैसे दाल, चावल और सब्जी लें
एक सप्ताह तक सादा भोजन करना लाभकारी रहता है
अचानक भारी भोजन करने से एसिडिटी, पेट दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।









