कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा लक्ष्य तय किया है। शुक्रवार को अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के घोषणापत्र में उन्होंने घोषणा की कि अगले १० वर्षों में बंगाल को देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया जाएगा।
इसके साथ ही, अगले ५ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को ४० लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निवेश बढ़ाने, औद्योगिक विकास को तेज करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जाएगा।
घोषणापत्र के अनुसार, ग्लोबल ट्रेड सेंटर, आधुनिक लॉजिस्टिक हब और बंदरगाह आधारित विकास को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि बंगाल को पूर्वी भारत के प्रमुख व्यापारिक प्रवेशद्वार के रूप में स्थापित किया जा सके।
राज्य सरकार ने अपनी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले १५ वर्षों में नाममात्र जीडीपी लगभग ६ गुना बढ़ी है, जबकि प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है। करीब १.७२ करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर लाने का दावा भी किया गया है।
इसके अलावा, पूंजीगत व्यय में १८ गुना और भौतिक क्षेत्र में ७ गुना वृद्धि दर्ज की गई है। बेरोजगारी दर में ४५.६५% की कमी आने का भी दावा किया गया है। सरकार के अनुसार, हाल के वर्षों में जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बुनियादी ढांचा और निवेश से जुड़ी योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।









