अब बंगाल में जंगलराज का अंत होगा: प्रधानमंत्री मोदी

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कोलकाता: लगभग दो महीने के अंतराल के बाद फिर पश्चिम बंगाल दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। शनिवार दोपहर को सीधे असम के शिलचर से कोलकाता पहुंचे और ब्रिगेड में सरकारी कार्यक्रम में भाग लिया। इस सभा में हिस्सा लेने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए।
छोटे राम की उपस्थिति और गर्मजोशी से स्वागत:
सभा में एक छोटा बच्चा भी उपस्थित था, जिसके हाथ में गदा और दूसरे हाथ में प्रधानमंत्री मोदी का कटआउट था। बच्चा स्थिर खड़ा था। भाषण शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने बच्चे की ओर देख कर कहा, “यह बच्चा लंबे समय से तस्वीर खींच रहा है। कोई कृपया इसे संभाल ले ताकि वह बैठ सके। धन्यवाद बेटा, तुमने बहुत सुंदर तस्वीर बनाई।” इस तरह प्रधानमंत्री ने बंगालवासियों का दिल जीत लिया।
बंगाली में अभिवादन और जनसमूह की सराहना:
प्रधानमंत्री ने भाषण की शुरुआत ही बंगाली में की। उन्होंने कहा, “मेरे प्रिय बंगालवासी, मेरे अंतःस्थल से प्रणाम।” ऐतिहासिक ब्रिगेड मैदान में विशाल जनसमूह की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “जहां नजर जाती है, वहां लोग हैं। एक अद्भुत दृश्य।”
तृणमूल को निशाना और बदलाव की अपील:
सभा में आए लोगों के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि तृणमूल ने सभा में शामिल लोगों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया—सड़कों को बंद किया, पोस्टर फाड़े, डराया-धमकाया। लेकिन इसके बावजूद लोगों की उपस्थिति कम नहीं हो सकी। उन्होंने कहा, “लोगों की इस भारी उपस्थिति से स्पष्ट है कि इस सरकार के जाने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। अब बंगाल में जंगलराज का अंत होगा। कानून का शासन लागू होगा। जो कानून तोड़ेगा, उसे खोजा जाएगा।”
तृणमूल की रणनीति और जनता के अधिकार:
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “तृणमूल मां-भूमि और लोगों की बात कहकर सत्ता में आई, लेकिन वही मां आज रो रही है। जमीन लूटी जा रही है। बंगाल के लोग बंगाल को अपनी मातृभूमि मानते हैं, लेकिन तृणमूल उन्हें नागरिकता नहीं देना चाहती। इस सरकार के अंत के बाद बंगाल में गरीबों की मुक्ति और विकास संभव होगा।” उन्होंने तृणमूल की कटमनी के खिलाफ भी आवाज उठाई और कहा, “सब कुछ के पीछे तृणमूल की नजर है। परिवर्तन वाली सरकार आने पर बंगाल के युवाओं को यहां ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।”
सुरक्षा, विकास और बुनियादी ढांचे पर जोर:
प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया, “बंगाल में मां और बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। अपराधी जेल में रहेंगे। यह मेरी गारंटी है।” इसके अलावा उन्होंने ४२० किलोमीटर से अधिक लंबाई वाले कई राष्ट्रीय सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग १८,८६० करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं पूर्वी भारत की लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करेंगी। उन्होंने रेलवे विस्तार, जलमार्ग विकास और हल्दिया व कोलकाता डॉक का सुधार कार्य भी रेखांकित किया।
राजनीतिक महत्व:
२०२६ के विधानसभा चुनाव से पहले यह ब्रिगेड सभा राजनीतिक रूप से विशेष महत्व रखती है। भाजपा नेताओं ने मंच से कहा, “प्रधानमंत्री की सभा में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति यह दिखाती है कि अब बंगाल में बदलाव केवल समय की प्रतीक्षा है।”

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