बेरूत/यरुशलम: मध्यपूर्व में तनाव और गहरा गया है। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त सैनिक भेजते हुए 80 से अधिक गांवों के निवासियों को क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया है। ईरान समर्थित समूह हिजबुल्ला ने कहा है कि वह इजराइल के साथ “आमने-सामने युद्ध के लिए तैयार” है।
रॉकेट–ड्रोन हमलों के बाद तेज हुई कार्रवाई
तनाव उस समय बढ़ा जब हिजबुल्ला ने उत्तरी इजराइल की ओर रॉकेट और ड्रोन दागे। इसके जवाब में इजराइल ने लेबनान में हवाई हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मृतकों की संख्या संशोधित कर ४० कर दी गई है, जबकि २४६ लोग घायल हुए हैं। मृतकों में सात बच्चे और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिजबुल्ला का एक खुफिया अधिकारी शामिल बताया गया है।
इजराइली सेना का कहना है कि हमले हिजबुल्ला के ठिकानों और सदस्यों को निशाना बनाकर किए गए। वहीं, बेरूत के दक्षिणी इलाकों में बिना पूर्व चेतावनी कई हमले किए जाने की खबर है।
मानवीय संकट गहराया
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) ने कहा है कि लेबनान में लगभग ३०,००० विस्थापित लोग सामूहिक आश्रयों में रह रहे हैं, जबकि कई परिवार सुरक्षित स्थान न मिलने के कारण सड़कों किनारे अपनी गाड़ियों में शरण लेने को मजबूर हैं।
क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और इजराइल के बीच पहले से तनाव चरम पर है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि जमीनी कार्रवाई लंबी चली तो संघर्ष सीमित झड़पों से आगे बढ़कर व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।
फिलहाल, सीमावर्ती क्षेत्रों में गोलाबारी जारी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय संयम बरतने की अपील कर रहा है। स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है।









