कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत द्वारा अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कथित शराब नीति मामले में बरी किए जाने के फैसले का स्वागत किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया।
राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को कथित आबकारी नीति घोटाले के मामले में बरी कर दिया। साथ ही अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से भी इनकार कर दिया।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले ने आरोप लगाया कि यह मामला “राजनीति से प्रेरित” था और इसका उद्देश्य विपक्षी नेताओं को बदनाम करना था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि भाजपा ने एक “फर्जी मामला” दर्ज कर विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कराया तथा उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया।
गोखले ने आरोप लगाया कि भाजपा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि ऐसे “फर्जी मामलों” के जरिए विपक्ष को दबाने की कोशिश की गई, जो अंततः असफल रही।
तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने भी केजरीवाल और सिसोदिया को बधाई देते हुए भाजपा की आलोचना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “सत्यमेव जयते! भाजपा, समय रहते सबक सीख लो। तुम्हारे सारे हथकंडे, तुम्हारी ईडी, तुम्हारी सीबीआई, ये सब सच्चाई के सामने टिक नहीं पाएंगे।”
तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने इसे “सच्चाई की जीत” बताते हुए कहा कि न्यायालय के निर्णय ने विपक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार साबित कर दिया है।









