कोलकाता: चुनाव की तारीखों की घोषणा और २८ मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले पश्चिम बंगाल में सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रशासन के अनुसार १० मार्च तक राज्यभर में केंद्रीय सुरक्षा बलों की कुल ४८० कंपनियां तैनात कर दी जाएंगी।
पहले चरण में १ मार्च तक २४० कंपनियों के पहुंचने की बात कही गई थी, लेकिन अब २७ फरवरी से ही अलग-अलग चरणों में बलों का आगमन शुरू हो गया है। सबसे अधिक १४ कंपनियां पूर्व मेदिनीपुर जिले में तैनात की जा रही हैं, जिसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इसके अलावा मालदह, मुर्शिदाबाद, जंगीपुर, बैरकपुर, बीरभूम, डायमंड हार्बर और हावड़ा ग्रामीण समेत कई जिलों में भी केंद्रीय बलों की तैनाती की जा रही है।
तैनाती और रूट मार्च की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल के
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के आईजी संजय यादव और राज्य नोडल अधिकारी आनंद कुमार उपस्थित थे। बैठक में जिलावार मूवमेंट प्लान और रूट मार्च कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा की गई।
कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में तैनाती
कोलकाता – १२ कंपनियां
बिधाननगर – ४ कंपनियां
हावड़ा ग्रामीण – ८ कंपनियां
हावड़ा कमिश्नरेट – ७ कंपनियां
दक्षिण बंगाल
बैरकपुर – ९ कंपनियां
बारासात पुलिस जिला – ६ कंपनियां
बनगांव पुलिस जिला – ४ कंपनियां
बशीरहाट पुलिस जिला – ७ कंपनियां
बरुईपुर पुलिस जिला – ५ कंपनियां
डायमंड हार्बर पुलिस जिला – ६ कंपनियां
कृष्णानगर पुलिस जिला – ६ कंपनियां
रानाघाट पुलिस जिला – ६ कंपनियां
पूर्व बर्दवान – ८ कंपनियां
आसनसोल-दुर्गापुर कमिश्नरेट – ७ कंपनियां
बांकाुड़ा – ७ कंपनियां
पुरुलिया –५ कंपनियां
बीरभूम – ७ कंपनियां
पूर्व मेदिनीपुर – १४ कंपनियां
पश्चिम मेदिनीपुर – ७ कंपनियां
मुर्शिदाबाद पुलिस जिला – ८ कंपनियां
जंगीपुर पुलिस जिला – ८ कंपनियां
उत्तर बंगाल
मालदह – १२ कंपनियां
कूचबिहार – ९ कंपनियां
दार्जिलिंग – ६ कंपनियां
कालिम्पोंग – ३ कंपनियां
सिलीगुड़ी – ३ कंपनियां
अलीपुरद्वार – ९ कंपनियां
जलपाईगुड़ी – ७ कंपनियां
इस्लामपुर पुलिस जिला – ५ कंपनियां
रायगंज पुलिस जिला – ६ कंपनियां
दक्षिण दिनाजपुर – १० कंपनियां
१० मार्च तक अतिरिक्त तैनाती
प्रशासन के अनुसार १ मार्च को २४० कंपनियों की पहली खेप पहुंचेगी। इसके बाद १० मार्च तक २४० और कंपनियां तैनात की जाएंगी। चुनाव की घोषणा से पहले संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च और एरिया डोमिनेशन अभियान तेज किए जाएंगे।
प्रशासन का दावा है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।










