नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इज़राइल दौरे से पहले उन पर तीखा प्रहार किया है। पार्टी का आरोप है कि जब पूरी दुनिया इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना कर रही है, तब मोदी का यह दौरा “नैतिक कायरता” का परिचायक है।
प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय यात्रा पर इज़राइल रवाना हुए हैं, जहां वे प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे और इज़राइल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करेंगे।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि २० मई १९६० को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू गाज़ा गए थे और वहां संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन बल की भारतीय टुकड़ी से मिले थे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि २९ नवंबर १९८१ को भारत ने फ़िलिस्तीन के समर्थन में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया था तथा १८ नवंबर १९८८ को भारत ने औपचारिक रूप से फ़िलिस्तीन राष्ट्र को मान्यता दी थी।
रमेश ने कहा कि वह एक अलग दौर था, जबकि आज भारतीय प्रधानमंत्री ऐसे नेता को गले लगा रहे हैं जिन पर गाज़ा को तबाही में बदलने और वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों के विस्तार की योजना बनाने के आरोप हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए आशा जताई कि प्रधानमंत्री नेसेट को संबोधित करते समय गाज़ा में निर्दोष लोगों की मौत का उल्लेख करेंगे और न्याय की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा सत्य, शांति और न्याय के पक्ष में खड़े होने की परंपरा निभाई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने नैतिक मूल्यों और ऐतिहासिक रुख को बनाए रखना चाहिए।









