नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोका। इस बार उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मारे जा सकते थे और परमाणु युद्ध की स्थिति में साढ़े तीन करोड़ लोगों की जान जा सकती थी।
कांग्रेस में अपने १०० मिनट से अधिक लंबे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अपने पहले १० महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त कराए, जिनमें भारत-पाकिस्तान संघर्ष भी शामिल है। उन्होंने दावा किया कि शरीफ ने उनसे कहा था कि यदि अमेरिका ने युद्धविराम के लिए दखल नहीं दिया होता, तो भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारी जनहानि होती।
ट्रंप पहले भी कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच संघर्ष रुकवाया। हालांकि, भारत सरकार ने लगातार किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार किया है।
अपने संबोधन में ट्रंप ने कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया, इजराइल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया, आर्मेनिया-अजरबैजान, कांगो-रवांडा और गाजा जैसे संघर्षों का भी उल्लेख किया, जिनके समाधान में भूमिका निभाने का उन्होंने दावा किया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि दोनों देशों ने लड़ाई नहीं रोकी होती तो वह उन पर २०० प्रतिशत टैरिफ लगा देते। कुछ अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत पर ५० प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के पीछे यही पृष्ठभूमि हो सकती है।
ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका देश और विदेश में सुरक्षा बहाल कर रहा है और देश पहले से अधिक मजबूत हुआ है। उनके भाषण के दौरान डेमोक्रेटिक सांसदों की ओर से व्यवधान भी देखने को मिला।










