कांग्रेस में देउवा की मौनता और आंतरिक विवाद: पार्टी के चुनावी भविष्य पर असर डालने की संभावना

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झापा: नेपाली कांग्रेस में शेरबहादुर देउवा की मौनता और पार्टी के भीतर आंतरिक विवादों को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के प्रवक्ता देवराज चालिसे ने चुनाव से पहले देउवा से अपील करने की आवश्यकता जताई थी, लेकिन अब तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है।
नेता अर्जुन नरसिंह केसी ने दावा किया है कि गगन थापा ने देउवा से कई बार मुलाकात की, लेकिन उन्होंने सक्रियता नहीं दिखाई। पार्टी के देउवा समर्थक नेता इस बारे में कह रहे हैं कि यह समय आंतरिक विवादों पर टिप्पणी करने का नहीं है।
हालांकि, वरिष्ठ पत्रकार पुरुषोत्तम दाहाल का कहना है कि देउवा को पार्टी से अलग किए जाने के बाद गगन थापाजी के नेतृत्व में कुछ नेताओं के बीच असंतोष है, जिससे पार्टी को चुनाव में नुकसान हो सकता है। उनका कहना है, “अगर देउवा चुनावी अभियान में भाग नहीं लेते हैं तो कांग्रेस को बड़ा नुकसान हो सकता है।”
कांग्रेस के आगामी चुनावी परिणामों में देउवा की मौनता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि पार्टी चुनाव में कमजोर प्रदर्शन करती है, तो गगन थापा के नेतृत्व में हुए विशेष महाधिवेशन के औचित्य पर सवाल उठ सकते हैं।
विपक्षी पक्ष चुनावी परिणामों के लिए देउवा को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर सकता है, जबकि कांग्रेस के केंद्रीय नेता अभी देउवा से समर्थन लेने के लिए समय बर्बाद नहीं करना चाहते हैं।
इस स्थिति में कांग्रेस के नेता केसी और चालिसे ने पार्टी के चुनावी प्रदर्शन को मजबूत करने की उम्मीद जताई है, लेकिन पार्टी के आंतरिक विवाद और देउवा की मौनता का चुनावी परिणामों पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है।

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