नई दिल्ली: भारत के दिग्गज निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के खिलाड़ी आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में अपना आठ साल का कार्यकाल पूरा होने की घोषणा की है। उन्होंने इस अवधि को अपने खेल जीवन के सबसे सार्थक अध्यायों में से एक बताया।
४३ वर्षीय बिंद्रा ने २००८ बीजिंग ओलंपिक (बीजिंग ओलंपिक २००८) में भारत के लिए पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। अब खिलाड़ी आयोग के पुनर्गठन के बाद उनकी जगह केन्या के रग्बी खिलाड़ी हम्फ्री कायांग को नियुक्त किया गया है।
इटली में आयोजित शीतकालीन ओलंपिक के दौरान आयोग का पुनर्गठन किया गया। बिंद्रा ने सोमवार को सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर लिखा कि दुनिया भर के खिलाड़ियों की सेवा करना उनकी यात्रा का सबसे सार्थक अनुभव रहा।
उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों की आवाज, उनकी चिंताएं, उनकी आशाएं और उनके सपनों का प्रतिनिधित्व करना एक बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे मैंने कभी हल्के में नहीं लिया। हर चर्चा और हर निर्णय में यही प्रयास रहा कि ओलंपिक आंदोलन के केंद्र में खिलाड़ी ही रहें।”
बिंद्रा ने खिलाड़ी प्रतिनिधित्व को मजबूत बनाने और खिलाड़ियों की आवाज़ को सम्मान दिलाने के लिए अधिकारियों की प्रतिबद्धता की भी सराहना की।
उल्लेखनीय है कि १९ सदस्यीय आईओसी खिलाड़ी आयोग ओलंपिक खेलों से जुड़ी कई अहम गतिविधियों में शामिल रहता है। इनमें मेजबान शहरों के मूल्यांकन की प्रक्रिया, खेलों के आयोजन की निगरानी, प्रतिबंधित दवाओं के विरुद्ध अभियान तथा महिला खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और शैक्षणिक परियोजनाओं का विकास शामिल है।










