वीरगंज: नेपाल–भारत सीमा से सटे वीरगंज में संभावित सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सोमवार सुबह ९:४५ बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है।
जिला प्रशासन कार्यालय पर्सा द्वारा जारी आदेश के अनुसार अगली सूचना तक निर्धारित क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने पूर्व में बाइपास रोड, पश्चिम में सिर्सिया नदी, उत्तर में गंडक चौक और दक्षिण में शंकराचार्य गेट को कर्फ्यू की सीमा तय किया है।
‘व्यक्तिगत विवाद’ से बढ़ा तनाव
जिला पुलिस कार्यालय पर्सा के प्रवक्ता डीएसपी हरिबहादुर बस्नेत के अनुसार एक ही मोहल्ले के युवाओं के बीच पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद सांप्रदायिक रूप ले सकता था, जिसके बाद एहतियातन कर्फ्यू लगाया गया।
उन्होंने बताया कि अब तक एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, लेकिन उसकी पहचान और संबद्ध पक्ष के बारे में जानकारी स्पष्ट नहीं है।
सेना और पुलिस की तैनाती
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए नेपाली सेना और नेपाल प्रहरी की संयुक्त टीमें इलाके में गश्त कर रही हैं। किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन और सार्वजनिक जमावड़े पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार केंद्र से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मधेश प्रदेश भेजा गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। आवश्यक सेवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को छूट दी गई है।
रौतहट में कर्फ्यू हटाया गया
इसी बीच गौर में हालिया झड़पों के बाद लगाया गया कर्फ्यू सोमवार सुबह हटा लिया गया। मस्जिद के पास बारात में संगीत बजाने को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में हिंसा और आगजनी में बदल गया।
जिला प्रहरी कार्यालय रौतहट के अनुसार एक पूर्व वार्ड अध्यक्ष सहित २३ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय स्तर पर समझौते और लगभग २,००० लोगों की भागीदारी वाली सद्भाव रैली के बाद स्थिति सामान्य होने पर कर्फ्यू हटाया गया।
सतर्कता बरकरार
अधिकारियों का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी संभावित तनाव को फैलने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।










