नई दिल्ली: सरकार ने सोमवार को देश की पहली आतंकवाद-रोधी नीति ‘प्रहार’ जारी की। इस नीति का उद्देश्य आतंकवादियों, उनके समर्थकों और वित्तपोषकों को धन, हथियार और सुरक्षित ठिकानों तक पहुंच से वंचित करना है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, नीति सात प्रमुख स्तंभों पर आधारित है: रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण, मानवाधिकार और कानून के शासन की प्रक्रियाएं, कट्टरता को दूर करना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समग्र समाज दृष्टिकोण।
नीति दस्तावेज में कहा गया है कि भारत आतंकवाद को किसी धर्म, जाति या राष्ट्रीयता से नहीं जोड़ता और हमेशा इसकी स्पष्ट निंदा करता रहा है। विदेश से संचालित आतंकवादी समूह देश में हिंसा भड़काने के लिए ड्रोन और डिजिटल तकनीकों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
इसके अलावा, नीति में खुफिया जानकारी के आधार पर सक्रिय और बहु-एजेंसी कार्रवाई, इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से भर्ती और आतंकवादी गतिविधियों पर निगरानी, तथा प्रभावित समुदायों को पुनः समाज से जोड़ने के लिए चिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और नागरिक समाज की टीम बनाने की दिशा तय की गई है।









