नई दिल्ली: भारत ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने के लिए महत्वाकांक्षी रेल सुरंग निर्माण परियोजना शुरू की है। इस योजना के तहत “चिकन नेक” (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) और असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे सुरंग बनाने का प्रस्ताव है।
चिकन नेक सुरंग परियोजना
पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों को मुख्य भारत से जोड़ने वाला पतला गलियारा जिसे ‘चिकन नेक’ या सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है, अब सुरंग बनाने के लिए तैयार है। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के तीन माइल हाट से रांगापानी तक करीब 36 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की योजना है, जिसमें रेलवे पटरियां बिछाई जाएंगी।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के प्रवक्ता कपिंजल किशोर शर्मा के अनुसार, इस परियोजना का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है, लेकिन इसे अभी अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है। सुरंग बनने के बाद, यह क्षेत्रीय यातायात को बेहतर बनाने और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने में मदद करेगा।
असम में ब्रह्मपुत्र के नीचे सुरंग
इससे अलग, असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे भी एक लंबी सुरंग बनाने की योजना है। यह परियोजना असम को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण कदम होगी, जिससे यातायात सञ्जाल और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।
आर्थिक और रणनीतिक महत्व
“चिकन नेक” और असम की सुरंग परियोजनाएं भारत के रणनीतिक लाभ को मजबूत करने के साथ-साथ सुरक्षा और सैन्य आवाजाही में भी सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, इन परियोजनाओं से पूर्वोत्तर भारत के आर्थिक विकास और सामाजिक समृद्धि में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।










