नई दिल्ली: देश की प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाईनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) में से एक, आईआईएफएल फाईनेंस लिमिटेड ने रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) के पब्लिक इश्यू जारी किए हैं, जो मंगलवार, १७ फरवरी, २०२६ से मिलना शुरू होंगे। इनका इश्यू साईज़ ५०० करोड़ रुपये है, और १,५०० करोड़ रुपये तक का ओवरसब्सक्रिप्शन बनाए रखने के लिए ग्रीन-शू विकल्प है। इस प्रकार कुल इश्यू साईज़ २,००० करोड़ रुपये का होगा। इस फंड का उद्देश्य कंपनी के व्यवसाय में वृद्धि करना और पूंजी बढ़ाना है।
इस एनसीडी द्वारा ९ प्रतिशत प्रतिवर्ष तक का प्रभावी रिटर्न मिलेगा और यह २४ महीनों, ३६ महीनों, और ६० महीनों की अवधियों के लिए उपलब्ध होगा। ब्याज का पे-आउट मासिक, वार्षिक या मैच्योरिटी के बाद लिया जा सकता है।
इस इश्यू को क्राईसिल रेटिंग्स ने क्राईसिल एए- स्टेबल रेटिंग दी है। ब्रिकवर्क रेटिंग्स द्वारा इसे बीडब्लूआर एए+ (स्टेबल) रेटिंग दी गई है, जिससे प्रदर्शित होता है कि इनमें बहुत कम क्रेडिट रिस्क है और ये फाईनेंशियल दायित्वों को समय पर पूरा करने के लिए बहुत ज्यादा सुरक्षित हैं।
श्री निर्मल जैन, फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, आईआईएफएल फाईनेंस ने कहा कि, ‘‘आईआईएफएल फाईनेंस भारत के प्रमुख एनबीएफसी में से एक है। यह पूरे देश में मजबूत स्थिति रखता है। इसका डाईवर्सिफाईड रिटेल पोर्टफोलियो ४.६ मिलियन से अधिक वंचित ग्राहकों को क्रेडिट प्रदान करता है। इस प्रस्तावित फंड के माध्यम से हम क्रेडिट की उपलब्धता और अधिक बढ़ाएंगे तथा अपने फंडिंग स्रोतों का विस्तार करेंगे। पिछले कुछ सालों में आईआईएफएल फाईनेंस ने बॉन्ड के माध्यम से फंड एकत्रित करने का एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड बनाया है तथा मूल राशि एवं ब्याज का समय पर भुगतान किया है।’’
३१ दिसंबर, २०२५ को आईआईएफएल फाईनेंस के पास ९८,३३६ करोड़ रुपये के कंसोलिडेटेड लोन एस्सेट्स अंडर मैनेजमेंट (ए.यू.एम) थे। कंपनी लगातार मजबूत एस्सेट क्वालिटी बनाकर रखती है। ३१ दिसंबर, २०२५ को कंपनी की कंसोलिडेटेड लोन बुक के प्रतिशत हिस्से में कंपनी के पास १.६० प्रतिशत ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एस्सेट (एनपीए) और ०.७५ प्रतिशत नेट एनपीए हैं। इसके अलावा, ३१ दिसंबर, २०२५ को कंपनी की ८३.६१ प्रतिशत कंसोलिडेटेड लोन बुक को पर्याप्त कोलेटरल द्वारा सुरक्षित कर लिया गया था, ताकि जोखिम और कम हो जाए।
वित्तवर्ष २०२६ की तीसरी तिमाही में आईआईएफएल फाईनेंस ने ५०१.३ करोड़ रुपये का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (पीएटी) दर्ज किया, जो सालाना ५१४ प्रतिशत अधिक है। वहीं वित्तवर्ष २०२६ के नौ महीनों के लिए पीएटी १,१९३.५ करोड़ रुपये रहा, जो सालाना २६५ प्रतिशत अधिक है। विभिन्न बैंकों और फाईनेंशियल संस्थानों के साथ कंपनी के मजबूत संबंध हैं, जिससे फंडिंग की रणनीति में मदद मिलती है।
३१ दिसंबर, २०२५ को कंपनी के पास कंसोलिडेटेड आधार पर ४,७६१ शाखाओं का नेटवर्क था, जो देश के कोने-कोने में फैला था तथा कंपनी में कुल ३६,७८६ कर्मचारी काम कर रहे थे।
इश्यू के लीड मैनेजर ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाईज़र्स प्राईवेट लिमिटेड, नुवामा वैल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज़ लिमिटेड हैं। निवेशकों को लिक्विडिटी प्रदान करने के लिए ये एनसीडी बीएसई लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया पर सूचीबद्ध किए जाएंगे।
हर एनसीडी की फेस वैल्यू १,००० रुपये होगी। विभिन्न श्रेणियों में निवेशक कम से कम १०,००० रुपये के एप्लिकेशन साईज़ में आवेदन कर सकेंगे। पब्लिक इश्यू अरली क्लोज़र के विकल्प के साथ मंगलवार, १७ फरवरी, २०२६ को खुलेगा और बुधवार ४ मार्च, २०२६ को बंद होगा। आवंटन पहले आएं, पहले पाएं के आधार पर किया जाएगा।











