कोलकाता: भारत का सबसे बड़ा ज्वेलरी रिटेल ब्रांड और टाटा समूह का एक हिस्सा, तनिष्क ने कोलकाता के ‘वेस्टसाइड पवेलियन’ में अपने खास ग्राहकों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान प्राकृतिक हीरों के बेहतरीन कलेक्शंस की प्रदर्शनी लगाई गई, जिन्हें विशेष रूप से पारखी ग्राहकों के लिए चुना गया था। देश के प्रमुख शहरों में आयोजित किए जा रहे विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला का यह एक हिस्सा है, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ‘डायमंड एक्सपर्टीज सेंटर’ के जरिए ग्राहकों को असली हीरों की गहरी समझ देना था। साथ ही, यह कार्यक्रम तनिष्क के आधुनिक डिजाइनों और उनकी बेमिसाल कारीगरी का एक शानदार और यादगार उत्सव भी रहा।
इस विशेष कार्यक्रम के दौरान, तनिष्क ने आधिकारिक तौर पर अपने ग्राहकों के लिए ‘तनिष्क डायमंड एक्सपर्टीज सेंटर’ का शुभारंभ किया। यह सेंटर पारदर्शिता बनाए रखने और ग्राहकों को असली हीरा खरीदने का भरोसेमंद अनुभव देने की ब्रांड की कोशिशों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां एक ‘एक्सपेरिएंशियल डीएक्ससी ज़ोन’ बनाया गया था, जहाँ मेहमानों ने गाइडेड वॉकथ्रू और स्वयं परखने में भाग लिया। यह एक्सपर्टीज सेंटर पांच आधुनिक डायग्नोस्टिक टूल्स से लैस है: लाइटस्कोप, सिंथडिटेक्ट, हार्ट्स एंड एरोज़ व्यूअर, गर्डल मार्किंग व्यूअर, इनक्लूजन व्यूअर। इन अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से ग्राहक हीरों की शुद्धता, चमक और बनावट की गहराई से जांच अब खुद कर सकते हैं। हीरों की बारीकियों, तकनीक और विज्ञान को ग्राहकों के सामने लाकर, ‘डायमंड एक्सपर्टीज सेंटर’ उन्हें असली हीरों को खुद परखने का भरोसा देता है। अब ग्राहकों को सिर्फ बातों पर निर्भर नहीं रहना होगा, बल्कि वे पूरी जानकारी और पारदर्शिता के साथ गहने खरीद सकेंगे। यह खास आयोजन हीरों की खरीदारी के सीज़न की शुरूआत है, जो ‘फेस्टिवल ऑफ डायमंड्स’ के एक बड़े जश्न का हिस्सा बनेगा।
इस खास शाम को एक शानदार फैशन शो हुआ, जिसमें असली हीरों और सोने के गहनों के चुनिंदा डिज़ाइन्स दिखाए गए। इसके साथ ही ‘इथिरियल वंडर्स’ का खास कलेक्शन भी पेश किया गया, जिसे दुनिया के सबसे दुर्लभ रत्नों से बनाया गया है। इसमें हर डिज़ाइन अपने आप में अनूठा और कला का एक बेहतरीन नमूना है। तनिष्क की ‘रेअरेस्ट ऑफ रेयर’ हाई-ज्वेलरी लाइन बेहतरीन कारीगरी और दुर्लभ रत्नों का संगम है। इसके साथ ही रेडिएंस इन रिदम, मृगांका और आबाहोन जैसे शानदार कलेक्शंस ने भी इस शो की शोभा बढ़ाई। ‘रेडिएंस इन रिदम’ के गहने अपनी खास बनावट और चमक के लिए जाने जाते हैं, जो लहरों और गति की सुंदरता से प्रेरित हैं। इनमें आधुनिक स्टाइल के साथ रंगीन रत्नों का इस्तेमाल किया गया है, जो आज की महिलाओं के व्यक्तित्व और अंदाज़ को बखूबी निखारते हैं। इस कलेक्शन की खासियत यह है कि दुनिया के केवल 5% प्राकृतिक हीरे ही इसके कड़े मानकों पर खरे उतरते हैं। ‘मृगांका’ कलेक्शन पारंपरिक डिज़ाइनों और ब्रह्मांड की सुंदरता से प्रेरित है। सोने की बारीक कारीगरी और हीरों की चमक के साथ इसे बड़े ही खूबसूरत तरीके से बनाया गया है, जो हमारी परंपरा और नए ज़माने के स्टाइल का एक सुंदर संगम पेश करता है। बंगाल की पारंपरिक ‘शोला’ और ‘डाकेर शाज’ कला से प्रेरित ‘आबाहोन’ कलेक्शन, आज की आधुनिक और सृजनशील महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ये सभी कलेक्शन तनिष्क की डिज़ाइन कला के अलग-अलग रूपों को दिखाते हैं, जहाँ एक ओर आधुनिक शैली और आत्मविश्वास से भरी सादगी है, वहीं दूसरी ओर प्राचीन समय से चली आ रही सदाबहार कारीगरी भी है।
टाइटन ज्वेलरी लिमिटेड के ईस्ट रीजन के रीजनल बिजनेस मैनेजर, श्री साह गौरव कृष्ण ने कहा, “तनिष्क में हमारा सबसे बड़ा मकसद ग्राहकों का भरोसा जीतना, उनके साथ पारदर्शिता बनाए रखना और उन्हें खरीदारी का बेहतरीन अनुभव देना है। ‘डायमंड एक्सपर्टीज सेंटर’ के जरिए हम ग्राहकों को ऐसी तकनीक दे रहे हैं, जिससे वे हीरों की शुद्धता और चमक को खुद परख सकें। कोलकाता हमारे लिए बहुत खास है क्योंकि यहाँ के लोग बेहतरीन डिजाइन और कीमती आभूषणों की गहरी समझ रखते हैं। इस कार्यक्रम के जरिए हमने लोगों को हीरों को परखने का मौका दिया और साथ ही अपने शानदार कलेक्शंस भी दिखाए। ग्राहकों को हमेशा सबसे अच्छे डिजाइन और सही जानकारी देने की तनिष्क की प्रतिबद्धता को इस आयोजन ने और भी मजबूत किया है।”











