नई दिल्ली: उद्योगपति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को वेनेजुएला से कच्चा तेल प्रत्यक्ष खरीदने के लिए अमेरिका से लाइसेंस मिल गया है। इस अनुमति के तहत भारत की सबसे बड़ी निजी रिफाइनिंग कंपनी रिलायंस रियायती दर पर भारी कच्चा तेल आयात कर सकेगी।
वेनेजुएला का तेल गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी के लिए उपयुक्त है और इससे रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार संभव है। सूत्रों के अनुसार जनवरी के अंत में अमेरिका ने कुछ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को वेनेजुएला से सीधे तेल खरीदने की अनुमति दी। इससे पहले अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण यह आयात रुका हुआ था।
रिलायंस ने २०१९–२० में अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले नियमित रूप से वेनेजुएला का तेल खरीदा था। २०२४ में अस्थायी राहत के दौरान रिलायंस ने पुनः वेनेजुएला से तेल खरीदा। इस वर्ष भी रिलायंस ने व्यापारियों के माध्यम से २० लाख बैरल तेल खरीदा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भी कुल २० लाख बैरल कच्चा तेल वेनेजुएला से खरीदा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत ने रूस से तेल आयात घटाया और अमेरिका सहित अन्य स्रोतों से आयात बढ़ाया। वेनेजुएला का तेल भारतीय रणनीति में कच्चे तेल की आपूर्ति में विविधता लाने में महत्वपूर्ण है।
वेनेजुएला का ओरिनोको बेल्ट क्षेत्र अपने भारी और अति-भारी ग्रेड के कच्चे तेल के लिए प्रसिद्ध है। जामनगर रिफाइनरी इस ग्रेड के तेल को रिफाइन करने में पूरी तरह सक्षम है। इस तेल से डीज़ल, केरोसिन और एलपीजी जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पाद बनाए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस सस्ते भारी तेल की प्रत्यक्ष खरीद से रिलायंस के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में मार्जिन सुधार होगा।










