नई दिल्ली: भारत ने अपनी सबसे बड़ी रक्षा खरीद पर आगे बढ़ते हुए ११४ राफेल फाइटर जेट्स को फ्रांस से खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय ₹३.२५ लाख करोड़ (लगभग $४० अरब) के रक्षा सौदे का हिस्सा है, जिसे रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने हरी झंडी दी है।
रक्षा परिषद की मंजूरी फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे से पहले आई है, जिससे उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और मजबूत होगा।
डील के तहत:
१८ राफेल जेट सीधे तैयार स्थिति में फ्रांस से आयेंगे।
बाकी ९६ जेट्स का निर्माण भारत में ‘मेक इन इन्डिया’ पहल के तहत किया जाएगा।
तकनीक हस्तांतरण और स्थानीय निर्माण से भारत के रक्षा उत्पादन को बल मिलेगा।
भारतीय वायु सेना पहले से ही ३६ राफेल जेट संचालित कर रही है और नौसेना के लिए राफेल-एम वेरिएंट में २६ विमान भी ऑर्डर किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि यह कदम भारतीय वायु शक्ति को आधुनिक बनाने, घरेलू रक्षा उद्योग को प्रोत्साहित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।









