कोलकाता: आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में ईवीएम और वीवीपीएटी को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। २३ जनवरी २०२६ से शुरू हुए इस अभियान के तहत राज्यभर में डेमो सेंटर और मोबाइल डेमो वैन के माध्यम से मतदाताओं को मशीनों की कार्यप्रणाली समझाई जा रही है। आयोग का उद्देश्य मतदाताओं का विश्वास मजबूत करना और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।
डेमो सेंटर पर बड़ी भागीदारी
राज्य में जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) के मुख्यालयों तथा रिटर्निंग ऑफिसर/राजस्व उपखंड मुख्यालयों पर ईवीएम डेमो सेंटर स्थापित किए गए हैं। १० फरवरी २०२६ तक सैकड़ों डेमो सेंटर सक्रिय रहे, जहां बड़ी संख्या में मतदाताओं ने भाग लिया। हजारों मतदाताओं ने मॉक वोट डालकर स्वयं मशीन की प्रक्रिया को समझा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस अभियान को लेकर उत्साह देखा गया।
मोबाइल वैन से गांव-गांव पहुंच
मोबाइल डेमो वैन के जरिए राज्य के हजारों मतदान केंद्र क्षेत्रों को कवर किया गया है। ये वैन दूरदराज इलाकों में पहुंचकर ईवीएम और वीवीपीएटी की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर रही हैं। आयोग के अनुसार, इससे मतदान प्रक्रिया को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने में मदद मिली है।
अन्य राज्यों में भी अभियान
असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में भी इसी प्रकार के जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पांचों राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अब तक १.२० लाख से अधिक मतदाताओं ने डेमो कैंप में भाग लिया है, जबकि १.१६ लाख से अधिक लोगों ने मॉक वोट डाले हैं।
पारदर्शी चुनाव की प्रतिबद्धता
चुनाव आयोग ने दोहराया है कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में जागरूकता कार्यक्रमों को और तेज किया जाएगा, ताकि हर मतदाता आत्मविश्वास के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।










