नई दिल्ली: ब्रिटेन के प्रिंस विलियम सऊदी अरब की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। यह उनका पहला सऊदी दौरा है और वे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) से मुलाक़ात करेंगे। यात्रा ब्रिटिश सरकार के अनुरोध पर हो रही है और इसका मुख्य एजेंडा ऊर्जा सहयोग और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर है।
हालांकि, सऊदी अरब का मानवाधिकार रिकॉर्ड और पत्रकार जमाल ख़ाशोगी हत्या मामले को लेकर यह दौरा संवेदनशील माना जा रहा है। देश में समलैंगिकता, राजनीतिक असहमति और महिलाओं के अधिकारों पर कड़े नियम हैं। प्रिंस विलियम को इन विषयों की जानकारी दी जाएगी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे मुलाक़ात के दौरान इन मुद्दों को उठाएंगे या नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह यात्रा ब्रिटेन–सऊदी संबंधों को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। पिछले वर्षों में सऊदी अरब में मनोरंजन और खेल आयोजनों को बढ़ावा दिया गया है, लेकिन आलोचक इसे सऊदी सरकार की छवि सुधार की कोशिश मानते हैं।
ब्रिटिश शाही परिवार के अनुसार, इस तरह की यात्राओं से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक मुद्दों को हल करना आसान होता है और यह शाही परिवार की ताक़त को दर्शाता है।










