“आफसोस होता है” बोलीं सोनाली

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मुम्बई: अभिनेत्री सोनाली चौधुरी को इस समय दर्शक ‘ओ मोर दरदिया’ धारावाहिक में देख रहे हैं। उनके अभिनय जीवन को लगभग बीस साल से ज़्यादा हो चुके हैं। अब वह साल गिनना छोड़ चुकी हैं। सिर्फ छोटे पर्दे पर ही नहीं, बड़े पर्दे पर भी उन्होंने समान रूप से काम किया है। लेकिन इसके बावजूद आज भी हर जगह उन्हें एक छोटे पर्दे की अभिनेत्री के तौर पर ही जाना जाता है। इतने लंबे अभिनय जीवन को वह किस तरह देखती हैं?
छोटे और बड़े पर्दे के बीच किसी तरह के विभाजन में सोनाली विश्वास नहीं करतीं। सोनाली ने कहा, “मैं अपने छोटे पर्दे के काम से बहुत संतुष्ट हूं। एक अभिनेता हमेशा अलग-अलग तरह के किरदार निभाना चाहता है। मुझे कोई अफसोस नहीं है। छोटे पर्दे ने मुझे बहुत कुछ दिया है। हां, यह सही है कि बड़े पर्दे पर भी शायद मैं कई ऐसे काम कर सकती थी, जो मेरे हिस्से में नहीं आए। बहुत कुछ हो सकता था।”
हालांकि, इतने साल बाद वह अपने अभिनय जीवन का इस तरह विश्लेषण या आलोचना नहीं करना चाहतीं। उन्होंने आगे कहा, “जब मैं पहली बार इस इंडस्ट्री में आई थी, तो सोचा था कि बहुत-बहुत काम करूंगी। जितना काम करने का सोचा था, उतना नहीं हो पाया। लेकिन इतने साल बाद पीछे मुड़कर देखने पर लगता है कि शुरुआत में तो यह भी नहीं सोच सकती थी कि मैं इतने लंबे समय तक अभिनय की दुनिया में टिक पाऊंगी। क्योंकि मेरे परिवार में कोई भी इस इंडस्ट्री से जुड़ा नहीं था। इसलिए लगातार काम कर पाना ही मेरे लिए खुशी की बात है। इसीलिए मुझे किसी बात का कोई दुख, नाराज़गी या अफसोस नहीं है।”
हाल ही में अभिनेत्री की नई फ़िल्म ‘खांचा’ रिलीज़ हुई है। भले ही उन्हें कोई अफसोस न हो, लेकिन अगर बड़े पर्दे पर कुछ अच्छे काम करने का मौका मिल जाए, तो उनके मन में यही होगा कि एक अभिनेत्री के तौर पर उनकी यात्रा पूरी हो गई।

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