नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस पर हस्ताक्षर करने में उनकी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह कदम उठाने से पहले विपक्षी दलों को अपनी शिकायतें लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष रखनी चाहिए थीं।
संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद बनर्जी ने कहा कि विपक्ष को प्रस्ताव लाने से पहले लोकसभा अध्यक्ष को अपनी बात रखने का अवसर देना चाहिए था। उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव संबंधी नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंपा है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि अध्यक्ष सदन का संचालन पक्षपातपूर्ण ढंग से कर रहे हैं, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे आरोप लगाए गए हैं और अध्यक्ष ने अपने पद का दुरुपयोग किया है।
लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश तथा सचेतक मोहम्मद जावेद ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को यह नोटिस सौंपा। इस नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक सहित कई विपक्षी दलों के १०० से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
बनर्जी ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस को लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर करने में कोई दिक्कत नहीं है। हमारे सभी २८ सांसद इस पर हस्ताक्षर करेंगे। लेकिन उससे पहले हम चाहते हैं कि ‘इंडिया’ गठबंधन के दल लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखें, जिसमें उन चार मुद्दों का उल्लेख हो जिन पर उन्हें आपत्ति है।”
उन्होंने कहा, “उदाहरण के तौर पर आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किया गया है। इस निलंबन पर पुनर्विचार या इसे रद्द करने की अपील की जा सकती है। अध्यक्ष को दो से तीन दिन का समय दिया जाना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि यदि अध्यक्ष कोई कार्रवाई नहीं करते या संतोषजनक उत्तर नहीं देते, तो तीन दिन बाद अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से चले।
कार्यवाही स्थगित होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि सदन सही तरीके से चले, लेकिन ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार ऐसा नहीं चाहती। आज सदन दो बार स्थगित हुआ और अध्यक्ष सदन में उपस्थित नहीं हुए।”










