नरवणे की पुस्तक पर प्रकाशक ने किया सफाई, कहा: कोई भी प्रति प्रकाशित नहीं हुई

Screenshot_20260210_184348_Google

नई दिल्ली: ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ (पीआरएचआई) ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ की अनधिकृत प्रतियां मिलने की खबरों के बीच साफ कहा है कि पुस्तक का प्रकाशन अधिकार केवल उनके पास है और यह अब तक प्रकाशित नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस ने पहले ही नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। पीआरएचआई ने सोमवार को जारी बयान में स्पष्ट किया कि पुस्तक की कोई भी प्रति चाहे मुद्रित हो या डिजिटल, अभी तक जारी या उपलब्ध नहीं कराई गई है। प्रकाशक ने चेतावनी दी कि वर्तमान में जो भी संस्करण ऑनलाइन या अन्य माध्यमों में प्रसारित हो रहे हैं, उन्हें कॉपीराइट उल्लंघन माना जाएगा।
बयान में कहा गया, “पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया यह स्पष्ट करना चाहता है कि भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे द्वारा लिखित आत्मकथा के प्रकाशन अधिकार केवल हमारे पास हैं। हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि पुस्तक का प्रकाशन अब तक नहीं हुआ है। कोई भी प्रति मुद्रित या डिजिटल रूप में प्रकाशित, वितरित, बेची या किसी अन्य तरीके से जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है।”

About Author

Advertisement