२० लाख पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का सुप्रीम कोर्ट कानिर्देश: सांसद बिष्ट

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दार्जिलिंग: दार्जिलिंग लोकसभा सांसद राजू बिष्ट ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि आज घोषित एक ऐतिहासिक फैसले में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को वर्ष २००८ से २०१९ तक के महंगाई भत्ता (डीए) के बकाया का भुगतान लगभग २० लाख पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को करने का निर्देश दिया है।
सांसद बिष्ट ने कहा कि न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ता (डीए) कोई विवेकाधीन सुविधा नहीं, बल्कि कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि बकाया डीए की कम से कम २५ प्रतिशत राशि ३१ मार्च २०२६ तक वितरित की जाए।
अंत में सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस फैसले का न्याय, जवाबदेही और श्रमिकों की गरिमा की जीत के रूप में स्वागत किया है।

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