कोलकाता: न्यू टाउन निवासी ७२ वर्षीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध सेवानिवृत्त वैज्ञानिक और चित्तरंजन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (सीएनसीआई) के पूर्व शोधकर्ता को साइबर ठगों ने १.१० करोड़ रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित वैज्ञानिक को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), नई दिल्ली द्वारा एमेरिटस साइंटिस्ट फेलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। इस संबंध में विधाननगर साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायत के अनुसार, १५ जनवरी २०२६ को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को बेंगलुरु साइबर क्राइम विंग का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए वैज्ञानिक पर चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़ा मामला होने का आरोप लगाया। ठगों ने फर्जी जांच और वेरिफिकेशन के नाम पर आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय का डर दिखाकर आरटीजीएस के जरिए अलग-अलग खातों में कुल १.१० करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। बाद में अतिरिक्त फीस मांगने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।










