नई दिल्ली: देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ‘चक्र’- उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सलेंस- सीओई) लॉन्च करने की घोषणा की, जो भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण उभरते क्षेत्रों को वित्तपोषण प्रदान करेगा। यह केंद्र बैंक की विकसित भारत २०४७ के प्रति रणनीतिक प्रतिबद्धता को दृढ़ता प्रदान करते हुए, नए दौर के प्रौद्योगिकी आधारित और वहनीयता केंद्रित उभरते क्षेत्रों के लिए वित्तपोषण सक्षम बनाने के लिहाज़ से ज्ञान-आधारित मंच के रूप में काम करेगा।
एसबीआई ज़िम्मेदारी से पूंजी प्रवाह प्रदान कर, जोखिम मूल्यांकन क्षमताओं को मज़बूत कर और नए दौर के व्यावसायिक मॉडल तथा नीतिगत प्राथमिकताओं के अनुरूप नवोन्मेषी वित्तपोषण ढांचे विकसित कर इन विशाल पूंजी-आधारित क्षेत्रों को सक्षम बनाना चाहता है।
इस केंद्र का उद्घाटन वित्तीय सेवा विभाग के सचिव श्री एम. नागराजू ने एसबीआई के अध्यक्ष, श्री चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी की उपस्थिति में किया। इस लॉन्च कार्यक्रम में एसबीआई के प्रबंध निदेशक के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा वैश्विक बैंकों, प्रमुख समूहों, वित्तीय संस्थानों, उद्योग निकायों के प्रतिनिधि और इस परितंत्र से जुड़े अन्य प्रमुख प्रतिभागी भी मौजूद रहे।
केंद्रीय वित्तीय सेवा विभाग के सचिव, श्री एम. नागराजू ने कहा, “चक्र उत्कृष्टता केंद्र, भारतीय स्टेट बैंक की बेहद सराहनीय पहल है। ज्ञान-साझाकरण, परियोजना मूल्यांकन, क्षमता निर्माण और साक्ष्य-आधारित नीतिगत जुड़ाव के उद्देश्य से एक समन्वित केंद्र बनाने का दृष्टिकोण विकसित भारत २०४७ की दिशा में भारत की प्रगति को सार्थक गति प्रदान करेगा।”
यह केंद्र आठ उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत सेल केमिस्ट्री एवं बैटरी भंडारण, इलेक्ट्रिक वाहन, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, डीकार्बनाइज़ेशन, स्मार्ट बुनियादी ढांचा और डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा, जो भारत के आर्थिक भविष्य के प्रमुख तत्व के रूप में उभर रहे हैं। उम्मीद है कि २०३० तक, इन आठ उभरे क्षेत्रों में १०० लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजी निवेश होगा। यह केंद्र इस विशाल निवेश को सक्षम बनाने में मदद करेगा।
भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष, श्री चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने इस अवसर पर कहा, “आने वाले दशकों में भारत की वृद्धि नवोन्मेष, वहनीयता और उन्नत विनिर्माण पर आधारित होगी। एसबीआई चक्र के साथ, उभरते हुए क्षेत्रों को समझने, क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं के अनुरूप वित्तपोषण समाधान तैयार करने और परितंत्र के साथ भागीदारी कर ऐसी परियोजनाओं को सक्षम बनाने के लिए अपनी संस्थागत क्षमता बढ़ा रहा है जो देश के विकास यात्रा में सार्थक योगदान देते हैं। यह उत्कृष्टता केंद्र नए दौर की टेक्नोलॉजी और जलवायु वित्तपोषण में एसबीआई के नेतृत्व को मज़बूती प्रदान करेगा, इस तरह वैश्विक मूल्य श्रृंखला में भारत के जुड़ाव को बढ़ाते हुए विकसित भारत २०४७ की ओर अग्रसर होने में मदद करेगा।”
चक्र श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर), क्षेत्रवार रिपोर्ट, नॉलेज श्रृंखला, उद्योग के साथ चर्चा और नीतियों पर संवाद के ज़रिये ठोस पेशकश करेगा, जिससे ग्राहकों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए सोच-समझकर फैसले लेने में मदद मिलेगी। यह केंद्र विकास संबंधी वित्तपोषण से जुड़े संस्थानों, बहुपक्षीय एजेंसियों, बैंकों, एनबीएफसी, उद्योग निकायों, कॉर्पोरेट, स्टार्ट-अप, शैक्षणिक समुदाय और थिंक-टैंक के साथ व्यवस्थित जुड़ाव को सुविधाजनक बनाएगा। भारतीय स्टेट बैंक चक्र के ज़रिये, क्षमता निर्माण, नवोन्मेष-केंद्रित उद्यमों का समर्थन करने और भारत के वहनीय और टेक्नोलॉजी-आधारित भविष्य को आगे बढ़ाने वाले क्षेत्रों में पूंजी के प्रवाह को बेहतर बनाना चाहता है। यह पहल स्टेट बैंक अकादमी में इससे पहले एमएसएमई के लिए स्थापित बैंक के उत्कृष्टता केंद्र को आगे बढ़ाती है।










