नई दिल्ली: पाकिस्तान ने रविवार को भारत के खिलाफ होने वाले टी२० वर्ल्ड कप मैच को खेलने से इंकार कर दिया। पाकिस्तान सरकार ने अपनी राष्ट्रीय टीम को ७ फरवरी से शुरू होने वाले इस वैश्विक टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति दी थी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का आदेश जारी किया था। अब पाकिस्तान को इस फैसले का गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
पाकिस्तान सरकार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “पाकिस्तान क्रिकेट टीम १५ फरवरी को भारत के खिलाफ खेले जाने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।” इस बयान में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने के कोई स्पष्ट कारण नहीं दिए गए हैं। पाकिस्तान सरकार के इस बयान को बांग्लादेश के टी२० वर्ल्ड कप से बाहर किए जाने से संबंधित एक राजनीतिक विरोध के रूप में देखा जा रहा है। आईसीसी ने बांग्लादेश के मैचों को भारत से श्रीलंका में स्थानांतरित करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने यह कदम उठाया है।
आईसीसी ने पाकिस्तान सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि मैच का बहिष्कार करने पर पाकिस्तान पर दंडात्मक प्रतिबंध लग सकते हैं। आईसीसी द्वारा जारी बयान में कहा गया, “पीसीबी को अपने देश में क्रिकेट पर पड़ने वाले महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करने की उम्मीद है, क्योंकि यह वैश्विक क्रिकेट व्यवस्था पर असर डाल सकता है, जिसमें पाकिस्तान भी एक सदस्य और लाभार्थी है।”
आईसीसी ने आगे कहा, “हम पीसीबी से आधिकारिक संवाद का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन चयनात्मक भागीदारी का यह निर्णय किसी भी वैश्विक खेल प्रतियोगिता की मूल भावना के खिलाफ है।”
भारत और पाकिस्तान के बीच मैच को लेकर दोनों देशों के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भारी उत्साह रहता है। इस मैच से प्रायोजकों और ब्रॉडकास्टर को बड़ा लाभ होता है, और पाकिस्तान के इस मैच को न खेलने से इसका असर दुनियाभर में महसूस किया जाएगा।
अगर पाकिस्तान इस मैच का बहिष्कार करता है, तो भारत को २ अंक मिल जाएंगे और आईसीसी को पीसीबी पर पेनल्टी लगाने का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा, यदि पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा टॉस के लिए मैदान पर नहीं आते हैं, तो मैच रेफरी भारत को २ अंक देने की घोषणा करेंगे।
पाकिस्तान का इस मैच को बहिष्कार करने का निर्णय क्रिकेट के इतिहास में एक गंभीर कदम होगा, जिसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।










