रविवार को बजट पेश करते ही एक नया रिकॉर्ड बना देंगी निर्मला सीतारमण

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नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश कर देश के संसदीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज करेंगी। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में पेश होने वाले इस बजट से सुधारवादी कदमों के जरिये विकास को गति मिलने की काफी उम्मीदें हैं।
इस उपलब्धि के साथ ही सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के १० बजट के कुल रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी। देसाई ने १९५९-१९६४ के बीच छह और १९६७-१९६९ के बीच चार बजट पेश किए थे। हालांकि, लगातार बजट पेश करने के मामले में सीतारमण सबसे आगे रहेंगी। उन्होंने पूर्व वित्त मंत्रियों पी चिदंबरम (९ बजट) और प्रणब मुखर्जी (८ बजट) को भी पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने अलग-अलग कार्यकालों में ये आंकड़े छुए थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में सीतारमण अब तक फरवरी, २०२४ के अंतरिम बजट सहित लगातार आठ बजट पेश कर चुकी हैं।
स्वतंत्र भारत के बजट इतिहास से जुड़े कुछ प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं:~
पहला बजट:
देश का पहला आम बजट २६ नवंबर, १९४७ को पहले वित्त मंत्री आरके षणमुखम चेट्टी ने प्रस्तुत किया था।
सर्वाधिक बजट:
मोरारजी देसाई ने जवाहर लाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री सरकारों के दौरान कुल १० बार बजट पेश कर शीर्ष स्थान बनाया।
अन्य प्रमुख आंकड़े:
पी चिदंबरम ने नौ बार और प्रणब मुखर्जी ने आठ बार बजट पेश किए। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने १९९१-१९९५ के दौरान लगातार पांच बजट पेश किए थे।
भाषण की अवधि:
सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड सीतारमण के नाम है, जिन्होंने एक फरवरी, २०२० को दो घंटे ४० मिनट तक भाषण दिया था। वहीं, १९७७ का हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल का अंतरिम बजट भाषण (८०० शब्द) सबसे छोटा रहा है।
समय और तारीख में बदलाव:
१९९९ से पहले बजट शाम पांच बजे पेश होता था, जिसे यशवंत सिन्हा ने बदलकर सुबह ११ बजे किया। इसी तरह, २०१७ से बजट पेश करने की तारीख २८ फरवरी के बजाय एक फरवरी कर दी गई, ताकि एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष सुचारू रूप से शुरू हो सके।

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