कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य सभी जांच एजेंसियां पूरी तरह से मिलीभगत का शिकार हो चुकी हैं।
बुधवार को सिंगूर रवाना होने से पहले कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि मौजूदा तंत्रों से सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने कहा, “हमें केवल उच्चतम न्यायालय पर ही भरोसा है। बाकी सभी एजेंसियां पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी हैं।”
दिल्ली स्थित ‘वीएसआर वेंचर्स’ द्वारा संचालित ‘लीयरजेट ४६’ विमान बुधवार सुबह पुणे जिले के बारामती क्षेत्र में उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, विमान में चालक दल के सदस्यों सहित कुल पांच लोग सवार थे और सभी की मृत्यु हो गई।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संकेत दिया कि अजित पवार अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में पुनः लौटने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रमों से ऐसे संकेत मिल रहे थे।
उन्होंने कहा, “आज सुबह अजित पवार की मृत्यु की खबर सुनकर मैं स्तब्ध रह गई। यह दर्शाता है कि देश में राजनीतिक नेताओं तक की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है। यहां तक कि सत्तारूढ़ वर्ग के लोग भी सुरक्षित नहीं दिखते।”
इससे पहले बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अजित पवार के अकाल निधन से वह गहरे दुख में हैं और उनके परिवार, चाचा शरद पवार तथा समर्थकों के प्रति संवेदना प्रकट की।
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी दुर्घटना की जांच की मांग की। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, क्योंकि नेता और कारोबारी नियमित रूप से विमान यात्रा करते हैं।









