मुंबई: शिवसेना (उद्धव) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भले ही पवार ने राजनीति में अलग राह चुनी थी, लेकिन उन्होंने आपसी संबंधों को कभी बिगाड़ने नहीं दिया।
उद्धव ने ‘एक्स’ पर लिखा कि पवार की मौत से उन्होंने एक दृढ़ नेता और उत्कृष्ट पूर्व कैबिनेट सहयोगी खो दिया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री के रूप में पवार अनुशासित और अपने विभाग के मामलों में निपुण थे।
अजित पवार ने २०१९ से २०२२ तक महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था। हालांकि, २०२३ में उन्होंने एमवीए से अलग होकर भाजपा-नेत राजग में शामिल होकर राकांपा को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया था।
उद्धव ठाकरे ने पवार को खुले दिल और बेबाक राय वाला नेता बताया। उन्होंने कहा, “सहयोगी होने के नाते हमारे बीच खास रिश्ता बन गया था। पवार किसी से लंबे समय तक बैर नहीं रखते थे। भले ही उन्होंने अलग राजनीति की राह चुनी, लेकिन हमारे संबंध कभी टूटने नहीं पाए।”
ठाकरे परिवार और शिवसेना (उबाठा) की ओर से पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उद्धव ने कहा कि पवार अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को महत्व देते थे और वास्तव में एक ‘दादा’ थे।
उनके बेटे और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने पवार की मौत को स्तब्ध करने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा, “मेरे पास अपनी भावनाएं व्यक्त करने के शब्द नहीं हैं। मुझे अजित पवार के साथ पांच-छह साल काम करने का मौका मिला, पहले सरकार में और फिर विपक्ष में। विधायी मामलों पर उनकी पकड़ और स्नेही स्वभाव ने मेरे जैसे कई लोगों का दिल जीत लिया। विपक्ष में रहते हुए भी मैंने सार्वजनिक रूप से यह बात कई बार कही थी।”










