नयाँ दिल्ली: वैज्ञानिकों ने सीकेडी के लिए प्लांट बेस्ड डाइट को बताया असरदार। हालिया अध्ययन के अनुसार, प्लांट-बेस्ड डाइट अपनाने और मांस का सेवन कम करने से क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) का खतरा काफी हद तक घटाया जा सकता है। फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज से भरपूर बैलेंस्ड डाइट किडनी को स्वस्थ रखने और सूजन कम करने में मदद करती है।
क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। इससे बचने के लिए क्या खाना चाहिए? हाल ही में आए एक अध्ययन के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा प्लांट-बेस्ड फूड शामिल करे और मांस का सेवन कम करे, तो उसे क्रॉनिक किडनी डिजीज का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। यह अध्ययन द लांसेट जर्नल पर प्रकाशित हुआ है।
आजकल किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह खराब डाइट है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम के दबाव और समय की कमी के कारण लोग हेल्दी डाइट छोड़कर फास्ट फूड या अनहेल्दी खाना ज्यादा खा रहे हैं। खाने-पीने की गलत आदत की कीमत शरीर को गंभीर बीमारियों के रूप में चुकानी पड़ रही है। ऐसी ही एक गंभीर समस्या है क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी), जिसका खतरा दुनियाभर में लगातार बढ़ता जा रहा है। शोधकर्ताओं के अनुसार अध्ययन के नतीजे साफ तौर पर दिखाते हैं कि सही डाइट के जरिए किडनी की हेल्दी एंड फिट रखा जा सकता है। चलिए समझते हैं कि प्लांट बेस्ड डाइट किडनी को स्वस्थ रखने में कैसे सहायक होती है और शोधकर्ताओं ने यह नतीजा कैसे निकाला है।
प्लांट बेस्ड डाइट में मुख्य रूप से सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, नट्स और अनसैचुरेटेड ऑयल शामिल होते हैं।
इसमें सीमित मात्रा में मछली और चिकन शामिल होते हैं
जबकि रेड मीट, प्रोसेस्ड मीट, एक्स्ट्रा शुगर, रिफाइंड अनाज और स्टार्च वाली सब्जियों का सेवन या तो बहुत कम या बिल्कुल नहीं किया जाता।
इंस्टीट्यूट फॉर हेल्दी एजिंग में असिस्टेंट प्रोफेसर और रिसर्च एक्सपर्ट थॉमस एम हॉलैंड का मानना है कि प्लांट बेस्ड डाइट किडनी की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। यह बैलेंस्ड और वैज्ञानिक रूप से साबित डाइट है, जो किडनी को स्वस्थ रखने और बीमारी के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है।
स्टडी में पाया गया कि जो लोग इस डाइट को करीब से फॉलो करते हैं, उनमें क्रॉनिक किडनी डिजीज होने का खतरा उन लोगों की तुलना में कम था, जो ज्यादा मांस वाली डाइट लेते हैं। इसके अलावा डाइट में एक्स्ट्रा शुगर और फैट पर कंट्रोल रखने से शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है, जिससे सीकेडी से बचाव हो सकता है।
क्रॉनिक किडनी डिजीज आज दुनिया भर में लगभग १०% वयस्कों को प्रभावित कर रही है।
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि साल २०४० तक यह मौत की पांचवी सबसे बड़ी वजह बन सकती है।
यह आंकड़े किडनी से जुड़ी बीमारियों की गंभीरता और बढ़ते खतरे को साफ तौर पर दिखाते हैं।
यह रिसर्च यूके बायोबैंक के डेटा पर आधारित थी।
इसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स के ४० से ६९ साल की उम्र के १७९५०८ लोगों को शामिल किया गया।
उनकी डाइट से जुड़ी सारी जानकारी ली गई और करीब १२ साल के फॉलो-अप में ४८१९ लोगों (२.७%) में क्रॉनिक किडनी डिजीज का पता चला।
शोधकर्ताओं ने माना है कि कई प्लांट-बेस्ड डाइट्स को पहले से किडनी के लिए फायदेमंद माना गया है। यह इंसान की सेहत के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। शोधकर्ताओं ने मांस, डेयरी, शुगर और फैट का सेवन सीमित करने की सलाह दी गई है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। टीआरआई इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।









