काठमाडौं: पर्वतारोहण और ट्रेकिंग क्षेत्र में पर्यटकों के नक्कली उद्धार (फेक रेस्क्यू) मामले में नेपाल पुलिस ने ६ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय अनुसन्धान ब्यूरो (सीआईबी) के प्रारंभिक जांच अनुसार ३ कंपनियों के माध्यम से लगभग ३१७ संदिग्ध उद्धार मामलों में करीब १९.६९ मिलियन अमेरिकी डॉलर (२.८६ अरब नेपाली रुपये) की नक्कली बीमा राशि का दावा किया गया।
सीआईबी प्रवक्ता, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिवकुमार श्रेष्ठ के अनुसार, उद्धार कंपनियों ने नकली दस्तावेज तैयार करके झूठे दावों के माध्यम से रकम हड़पने का काम किया। कुछ मामलों में एक ही उड़ान के लिए कई बार उद्धार की जानकारी दर्ज की गई, तो कभी अलग-अलग उड़ानें बनाकर नक्कली विवरण प्रस्तुत किया गया।
जांच में सामने आया कि कंपनियों ने पर्यटकों को हेलिकॉप्टर की आवश्यकता बताकर डराया और बीमा रकम वसूली की। सामान्य उपचार से ठीक होने वाले पर्यटकों को हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाकर उपचार रिपोर्ट बनाकर बीमा राशि का दावा किया गया।
जांच में अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, स्पेन, यूके, पोलैंड सहित १४–१५ देशों के पर्यटकों को फेक रेस्क्यू में शामिल पाया गया। संबंधित अस्पतालों को भी जांच में सम्मिलित किया गया है।
ट्रेकिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ नेपाल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्मा शेर्पा ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह मामला वर्षों से चल रहा था, अब कार्रवाई होना सही कदम है। हिमालय रेस्क्यू एसोसिएशन के महासचिव श्रीराम खत्री ने सलाह दी कि गैर-जरूरी हेलिकॉप्टर रेस्क्यू न किया जाए और स्थानीय स्वास्थ्य संरचना सुदृढ़ की जाए।
नेपाल पुलिस के अनुसार, मुलुकी अपराध संहिता २०७४ की धारा ५१ के तहत राष्ट्रीय हित के खिलाफ काम करने पर पाँच वर्ष तक की जेल और ५० हजार रुपये तक जुर्माने की व्यवस्था है।











