आईएसएस पर पहुंचने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से किया सम्मानित

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नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को सोमवार को भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया।
कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। शुक्ला ने पिछले वर्ष जून में ऐतिहासिक एक्सिओम-४ मिशन के तहत आईएसएस की यात्रा कर नया इतिहास रचा था। वे अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने, जबकि ४१ वर्ष पूर्व १९८४ में राकेश शर्मा ने सोयूज मिशन के माध्यम से अंतरिक्ष यात्रा की थी।
१८ दिवसीय अंतरिक्ष मिशन में शुक्ला ने पायलट की भूमिका निभाई और मानव अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की बढ़ती क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया। मिशन के दौरान जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों सहित उनके योगदान को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष विशेषज्ञों से व्यापक सराहना मिली।
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुक्ला के पास सु-३० एमकेआई, मिग-२१, मिग-२९, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-३२ जैसे विमानों पर २,००० घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी शुक्ला को जून २००६ में वायुसेना की लड़ाकू शाखा में शामिल किया गया था।
एक्सिओम-४ मिशन का संचालन अमेरिका स्थित निजी कंपनी एक्सिओम स्पेस ने किया, जिसमें नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की सहभागिता रही।

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