इंडिया ओपन में अव्यवस्था पर खेल मंत्री का कड़ा रुख, दबाव में साई

IMG-20260120-WA0105

नई दिल्ली: इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान हुई गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
खेल मंत्रालय पूरे मामले को भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि से जोड़कर देख रहा है। खेल मंत्री ने टूर्नामेंट के दौरान मौजूद दर्शकों से भी बात की और पिछले सप्ताह हुई अव्यवस्थाओं को लेकर उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
भारत २०३६ ओलंपिक की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश करने जा रहा है, इसलिए इस मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। खेल मंत्रालय का मानना है कि ऐसी घटनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
टूर्नामेंट के दौरान कई घटनाएं हुईं, जिनका जवाब साई को देना होगा। दिल्ली के वायु प्रदूषण को छोड़कर भी मैच के दौरान कोर्ट पर कबूतरों की गंदगी गिरना, गैलरी में बंदरों का आना, शौचालयों और अभ्यास स्थलों की सफाई में कमी, इन शिकायतों ने आयोजकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
स्टेडियम के रखरखाव की जिम्मेदारी साई की होने के कारण संस्था की आलोचना और बढ़ गई है, क्योंकि इसी साल अगस्त में इसी स्थान पर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन होना है। डेनमार्क की स्टार खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने हालात को “अस्वास्थ्यकर” बताते हुए विश्व बैडमिंटन महासंघ से हस्तक्षेप की मांग भी की थी।

About Author

Advertisement