कोलकाता: गणेश कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) को अपने नए मार्केटिंग अभियान ‘टेस्ट ऑफ प्योरिटी’ की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। यह अभियान पूर्वी भारत में कंपनी के प्रमुख उत्पादों – सूजी और मैदा की बाज़ार स्थिति को और मज़बूत करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। फरवरी २०२६ तक चलने वाला यह अभियान परिवारों, विशेषकर माताओं और गृहिणियों के साथ भावनात्मक जुड़ाव को गहरा करने पर केंद्रित है। इसके तहत गणेश को केवल एक पुराने हेरिटेज ब्रांड के रूप में नहीं, बल्कि ऐसी शुद्धता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो भोजन बनाने और खाने के अनुभव को बेहतर बनाती है। यह पहल पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, असम और बिहार जैसे प्रमुख बाज़ारों को कवर करती है, जिससे क्षेत्र में ब्रांड की मज़बूत उपस्थिति और प्रभुत्व को और सुदृढ़ किया जा सके।
इस अभियान की केंद्रीय अवधारणा प्रभावशाली विचार “प्योरिटी का ऐसा टेस्ट कि जो खाए वो उड़ जाए” पर आधारित है—अर्थात ऐसी शुद्धता, जिसका स्वाद मन को आनंद से भर दे। यह रचनात्मक दृष्टिकोण ब्रांड को केवल स्वच्छता और गुणवत्ता के कार्यात्मक दावों से आगे ले जाता है और शुद्धता के “वास्तविक अनुभव” पर ध्यान केंद्रित करता है। यह दर्शाता है कि कैसे श्रेष्ठ सामग्री, श्रेष्ठ स्वाद का आधार बनती है। अभियान का वादा है कि गणेश सूजी और मैदा से बने व्यंजन हल्केपन और आनंद का अनुभव कराते हैं, जो पूरे परिवार को जोड़ता है। विशेष रूप से यह उन सजग माताओं को संबोधित करता है, जो अपने बच्चों और परिवार के लिए खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं।
इस भावनात्मक कहानी के पीछे उत्पाद की उत्कृष्टता और तकनीकी नवाचार की मज़बूत नींव है। अभियान में ब्रांड की बेजोड़ गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया है, जिसमें उन्नत कलर सॉर्टर टेक्नोलॉजी का उपयोग शामिल है, जो प्रत्येक दाने की एकरूपता और अशुद्धि-मुक्तता सुनिश्चित करती है। इस तकनीकी बढ़त को केवल एक औद्योगिक विशेषता के रूप में नहीं, बल्कि सुरक्षित, स्वच्छ और समान गुणवत्ता का सक्षम माध्यम बताया गया है, जिस पर उपभोक्ताओं ने १९३६ से भरोसा किया है। संदेश आधुनिक गुणवत्ता आश्वासन और हेरिटेज ब्रांड की विश्वसनीयता के बीच संतुलन बनाता है, जिससे संवाद तकनीकी होने के बजाय आत्मीय बना रहता है।
अभियान के शुभारंभ पर टिप्पणी करते हुए श्री नितेश कुमार पांडेय, सीनियर मैनेजर – मार्केटिंग, गणेश कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने कहा, “आठ दशकों से अधिक समय से गणेश लाखों रसोईघरों का मूक साथी रहा है। ‘टेस्ट ऑफ प्योरिटी’ अभियान के माध्यम से हम तकनीक और भावना के बीच के अंतर को दूर कर रहे हैं और अपने उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिला रहे हैं कि उन्हें जो बेहतरीन स्वाद पसंद है, वह हमारे द्वारा बनाए रखे गए कठोर शुद्धता मानकों का प्रत्यक्ष परिणाम है। जब सामग्री शुद्ध होती है, तो भोजन का स्वाद बेहतर होता है और परिवार की खुशी साफ़ दिखाई देती है, यही वह आनंद है, जिसे यह अभियान सजीव रूप में प्रस्तुत करता है।”
यह अभियान वर्तमान में विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय है और इसे विशेष रूप से सर्दियों के पाक मौसम के अनुरूप समयबद्ध किया गया है, जब सूजी और मैदा से बने व्यंजनों की खपत अधिक होती है। मध्यम और उच्च-मध्यम वर्गीय परिवारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, गणेश कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स का उद्देश्य रोज़मर्रा के भोजन के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प के रूप में अपनी स्थिति को और मज़बूत करना है, ताकि तैयार किया गया हर भोजन ब्रांड के सुरक्षा, स्वच्छता और उत्कृष्ट स्वाद के वादे का प्रमाण बन सके।








