कोलकाता: केरला कम्युनिकेटर्स केबल लिमिटेड (केसीसीएल), जो केरला राज्य में ७०% से अधिक बाज़ार हिस्सेदारी के साथ भारत का अग्रणी मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) है, ने औपचारिक रूप से पश्चिम बंगाल में अपने रणनीतिक प्रवेश की घोषणा की। यह ऐतिहासिक कदम कंपनी के “पैन-इंडिया मूवमेंट” की शुरुआत माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य केरला में सफल साबित हुए “ऑपरेटर-स्वामित्व और ऑपरेटर-संचालित” व्यावसायिक मॉडल को पूरे पूर्वी क्षेत्र में दोहराना है। इसी संदर्भ में, केसीसीएल ने पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में मज़बूत अवसंरचना वाले कैटेगरी ‘ए’ आईएसपी बालाजी यूनिवर्सल के साथ हाथ मिलाकर सेवाओं के सहज विस्तार का मार्ग प्रशस्त किया।
उद्घाटन कार्यक्रम में उल्लेखनीय उद्योग नेता उपस्थित थे, जिनमें केबल ऑपरेटर एसोसिएशन (सीओए) के अध्यक्ष श्री प्रवीण मोहन, साथ ही केसीसीएल और केरला विज़न ब्रॉडबैंड लिमिटेड (केवीबीएल) के शीर्ष पदाधिकारी—प्रबंध निदेशक श्री सुरेशकुमार पी. पी., कार्यकारी निदेशक श्री राजन के. वी., कार्यकारी निदेशक श्री सुरेशकुमार सी., और मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) श्री पद्मकुमार एन. सहित बोर्ड सदस्य मौजूद थे। वरिष्ठ नेतृत्व की यह उपस्थिति पश्चिम बंगाल में प्रवेश के रणनीतिक महत्व और उद्योगस्तरीय प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
ऑपरेटर समुदाय की भूमिका पर ज़ोर देते हुए, सीओए के अध्यक्ष श्री प्रवीण मोहन ने कहा, “वर्षों से देशभर के ऑपरेटर अपने भविष्य की सुरक्षा और अपनी भूमिका के सम्मान की गारंटी देने वाले मॉडल की तलाश में थे। केसीसीएल ने केरला में यह साबित कर दिया है कि ऑपरेटर बिना नियंत्रण खोए भी विकास कर सकते हैं। पश्चिम बंगाल में उनकी एंट्री उद्योग में विश्वास, विश्वसनीयता और अत्यावश्यक संतुलन लेकर आएगी।”
केसीसीएल और केवीबीएल के प्रबंध निदेशक श्री सुरेशकुमार पी. पी. ने कहा, “केसीसीएल का मॉडल सामूहिक दृष्टिकोण की शक्ति है। केरला में हमने ओटीटी और बढ़ती चैनल कीमतों जैसी चुनौतियों के बावजूद सफलतापूर्वक वृद्धि हासिल की है और आज हमारे केबल टीवी ग्राहकों की संख्या ३० लाख से अधिक है।”
केसीसीएल और केवीबीएल के सीओओ श्री पद्मकुमार एन. ने कहा, “भारत के पाँचवें सबसे बड़े वायर्ड इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) के रूप में, हम अन्य राज्यों, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में ऑपरेटरों के माध्यम से वायर्ड ब्रॉडबैंड को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यह ऑपरेटरों को नई तकनीक अपनाकर बहु-सेवा आधारित ब्रॉडबैंड सेवाएँ प्रदान करने में मदद करेगा। हमारा लक्ष्य पश्चिम बंगाल में अधिकतम वायर्ड ब्रॉडबैंड पहुँच सुनिश्चित करते हुए ऑपरेटरों को सशक्त बनाना और राज्य के आर्थिक विकास में योगदान देना है।”
पश्चिम बंगाल में केसीसीएल के विस्तार को राज्य की विशाल संसंभावनाओ-११ करोड़ से अधिक जनसंख्या और केरला के साथ सांस्कृतिक समानताओं ने प्रेरित किया। उस समय केसीसीएल के पास ३० लाख केबल और १४ लाख ब्रॉडबैंड ग्राहक थे और कंपनी ने पूर्वी भारत में डिजिटल केबल टीवी, उच्च-गति ब्रॉडबैंड, आईपीटीवी, ओटीटी एग्रीगेशन और एंटरप्राइज़ समाधान जैसी सेवाएँ प्रदान करने की योजना बनाई थी। पश्चिम बंगाल में प्रवेश को मज़बूत बनाने के लिए कंपनी ने लगभग १० करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश के साथ १ लाख सेट-टॉप बॉक्स (एसटीबी) वितरित करने तथा दीर्घकाल में २५% बाज़ार हिस्सेदारी, यानी १५ लाख केबल ग्राहक हासिल करने का लक्ष्य रखा। साथ ही, नेटवर्क अवसंरचना और ब्रॉडबैंड ईकोसिस्टम के विकास में बड़े निवेश की योजना भी थी।
केरला विज़न की यात्रा के केंद्र में स्थानीय केबल ऑपरेटरों (एलसीओ) के हितों को प्राथमिकता देने का अद्वितीय दर्शन रहा है। पारंपरिक कॉर्पोरेट ढाँचे से अलग, केसीसीएल ऑपरेटरों को प्रमुख भागीदार के रूप में देखता है और बीमा तथा रोज़गार सृजन जैसी सामाजिक सुरक्षा पहल पर विशेष ज़ोर देता है। अनुमान के अनुसार, प्रत्येक साझेदार ऑपरेटर के आकार के हिसाब से २ से ३ स्थानीय रोज़गार सृजित होने की अपेक्षा की गई थी। बालाजी यूनिवर्सल के मौजूदा अवसंरचना का उपयोग करते हुए, साथ ही नए ओवरहेड और भूमिगत फाइबर-ऑप्टिक केबल बिछाकर, केसीसीएल ने एक भविष्यमुखी, किफायती और तकनीकी रूप से उन्नत नेटवर्क तैयार किया।
पश्चिम बंगाल में केसीसीएल का प्रवेश केवल भौगोलिक विस्तार नहीं, बल्कि पूर्वी भारत के केबल और ब्रॉडबैंड पारिस्थितिकी-तंत्र के प्रति कंपनी की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया। इसने एमएसओ-ऑपरेटर संबंधों में संरचनात्मक परिवर्तन का मार्ग खोला और सहयोग, साझा विकास तथा दीर्घकालिक स्थिरता को डिजिटल-प्रथम बाज़ार के केंद्र में स्थापित किया, साथ ही ओडिशा, असम, उत्तर-पूर्व, बिहार और झारखंड की ओर भविष्य के विस्तार को गति दी। इसके साथ-साथ, पश्चिम बंगाल भर में आयोजित साझेदारी बैठकों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों और केबल ऑपरेटरों को इस व्यापक यात्रा में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया।








