नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संविधान दिवस के अवसर पर नागरिकों को संबोधित करते हुए अपने संवैधानिक कर्तव्यों को निभाने का आग्रह किया। उन्होंने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत बनाने और सामाजिक व आर्थिक प्रगति में योगदान देने की जिम्मेदारी पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने विशेष रूप से स्कूल और कॉलेजों को सुझाव दिया कि वे पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं का सम्मान करते हुए संविधान दिवस मनाएं। उन्होंने महात्मा गांधी के उस विचार को याद किया कि अधिकार केवल कर्तव्यों के निर्वाह से ही सुरक्षित रहते हैं।
मोदी ने कहा कि नीतियां और आज किए गए निर्णय आने वाली पीढ़ियों के जीवन को आकार देंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखें।
एक अलग पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “हमारा संविधान मानवीय गरिमा, समानता और स्वतंत्रता को सर्वोच्च महत्व देता है। यह हमें अधिकारों से सशक्त बनाता है और हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है, जिन्हें हमें हमेशा पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। ये कर्तव्य एक मजबूत लोकतंत्र की नींव हैं।”
उन्होंने संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करती रहती है।










