कोलकाता: मणिपाल हॉस्पिटल ब्रॉडवे ने अपनी चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हुए मिज़ोरम के ६७ वर्षीय पुरुष रोगी पर जटिल एंडोवैस्कुलर एन्यूरिज़्म रिपेयर (ईवीएआर) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की है। रोगी को बड़े एब्डॉमिनल एऑर्टिक एन्यूरिज़्म, पेट की मुख्य धमनी में गंभीर सूजन का निदान हुआ था, जो अचानक फटने पर जानलेवा हो सकती है।
लगभग एक वर्ष से निचले पेट के दर्द से परेशान रोगी की जांच में खतरनाक रूप से बढ़े एन्यूरिज़्म का पता चला। खुले पेट की सर्जरी के जोखिमों को देखते हुए चिकित्सकों ने ईवीएआर, यानी न्यूनतम इनवेसिव स्टेंट-आधारित उपचार को चुना।
यह प्रक्रिया अस्पताल के कैथ लैब के प्रमुख डॉ. सुभासिस रॉय चौधुरी और वेस्कुलर सर्जन डॉ. जयन्त दास के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। जांघ के पास किए गए छोटे चीरे के माध्यम से कवर स्टेंट डालकर एन्यूरिज़्म को सुरक्षित रूप से सील किया गया। सर्जरी के बाद रोगी की स्थिति स्थिर रही और दो दिनों के भीतर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ. रॉय चौधुरी ने बताया कि “इस आकार के एन्यूरिज़्म चुपचाप बढ़ते हैं और समय रहते उपचार न मिले तो परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।”

वहीं डॉ. दास का कहना है कि यह केस उन्नत इमेजिंग, सटीक योजना और टीमवर्क की सफलता का उदाहरण है, जिसने रोगी को खुली सर्जरी के बड़े जोखिमों से बचाया।









